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आनलाइन गेमिंग, बैटिंग वेबसाइट्स व अन्य एप्प के माध्यम से ठगी करने एवं फर्जी खाते खुलवाकर उन खातों में विभिन्न राज्यो से गेमिंग एवं बैटिंग के माध्मय से फ्राड करने वाले गेम के चार सदस्य गिरफ्तार

Screenshot 20260725 065959 Galleryहाथरस थाना साइबर क्राइम हाथरस पुलिस टीम द्वारा सराहनीय कार्य करते हुए आनलाइन गेमिंग, बैटिंग वेबसाइट्स व अन्य एप्प के माध्यम से ठगी करने एवं फर्जी खाते खुलवाकर उन खातों में विभिन्न राज्यो से गेमिंग एवं बैटिंग के माध्मय से मोटी रकम खुलवाये गये फर्जी खातों में डलवाकर भोले भाले लोगों के साथ साइबर ठगी करने वाले शातिर गैंग का पर्दाफाश करते हुये गैंग के 4 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

 

अवगत कराना है कि दिनांक 24.07.2026 को पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के आदेशानुसार साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के क्रम मे अपर पुलिस अधीक्षक हाथरस के निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी सादाबाद के पर्यवेक्षण मे थाना साइबर क्राइम जनपद हाथरस पुलिस की कार्यवाही मे मुखबीर की सूचना पर कार्यवाही करते हुए मथुरा बरेली हाइवे के नीचे अंडरपास के निकट मेंण्डू, थाना हाथरस जंक्शन से 4 शातिर साइबर अपराधियों माधव शर्मा पुत्र रामभरोसे निवासी चमरुआ, थाना मुरसान जनपद हाथरस, दुर्गेश कुमार पुत्र नीरज कुमार नि0 गुउडा बहरामपुर थाना खन्दौली जनपद आगरा, कन्हैया सिंह पुत्र देवी सिंह नि0 जारऊ थाना सादाबाद जनपद हाथरस एवं दीपक शर्मा उर्फ दीपू पुत्र महेशचन्द्र नि0 जारऊ थाना सादाबाद जिला हाथरस को गिरफ्तार करने की महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुयी। जिनके कब्जे से 1 अदद टैब, 7 मोबाइल स्मार्टफोन, 17 सिम कार्ड, 9 पासबुक, 11 चैक बुक, 2 चैक, 15 मौहरे, 8 एटीएम कार्ड, 5 क्यूआरकोड, 2 ट्रेड बुक, 1 स्टाम्प पैड व बैंक ओपनिंग फार्म व जीएसटी सर्टिफिकेट, नोन जुडिशयल स्टाम्प पेपर व अन्य कागजात, 8 आधार कार्ड व नगदी 5000 रुपये बरामद हुए हैं। गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

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गिरफ्तार आरोपी व घटना के मास्टरमांइडों में से एक माधव शर्मा पुत्र रामभरोसे निवासी चमरुआ थाना मुरसान जनपद हाथरस ने बताया कि मैं पहले ऑनलाइन star66.co website / गेमिंग एप पर पैसे जमा करकर जुआ खेलता था, जिसमे मे कभी पैसे जीत जाता था व कभी हार जाता था । इस गेमिंग एप्प पर अभियुक्त माधव शर्मा द्वारा ज्यादा रकम जमा व निकालने की वजह से उसी वेबसाइट पर माधव शर्मा का संपर्क वेबसाइट चलाने वाले कुछ व्यक्ति से हुआ और व्हाट्सएप पर बातचीत होना शुरु हो गयी । वेबसाइट चलाने वाले इन व्यक्तियों द्वारा माधव शर्मा को बताया गया कि वह लोग साइबर फ्राड के जरिये भोले भाले लोगों के एकाउन्ट से कभी बैंक अधिकारी बनकर कभी यह कहकर की आपके एकाउण्ट कि केवाईसी नही हुयी तो आपका एकाउण्ट बन्द हो जायेगा । ग्राहक भय की वजह से ओटीपी दे देता है या कभी फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर कि आपके एकाउण्ट मे हवाला का पैसा आया है अगर आप अपने एकाउण्ट की डिटेल व ओटीपी नही देगे तो हम आपके खिलाफ मुकदमा लिखकर जेल भेज देगे तो व्यक्ति मुकदमा लिखकर जेल जाने के डर से हमारे एकाउण्ट मे पैसे ट्रान्सफर कर देता है या अपना ओटीपी पासवर्ड बता देता है जिससे हम बैंक से पैसे चोरी कर लेते है या कभी व्हाटसएप के माध्यम से यह लोग, भोले भाले लोगों के फोन में व्हाट्सएप के माध्यम से वायरस भी डाल देते हैं, जो APK फाइल/APP के रुप मे होता है जो स्वतः ही मोबाइल ओनर की ओटीपी पासवर्ड व अन्य महत्वपूर्ण बैंकिग जानकारी चोरी कर हमारे सिस्टम पर भेज देता है। जिससे वह सीधे साधे लोगों का मोबाइल हैक कर लेते है व उसके बैंक के एकाउण्ट से पैसो की चोरी कर लेते है। जिस पैसे को वह अपने साथी व्यक्तियो के एकाउण्ट मे ट्रांसफर करके पैसे निकाल लेते है। वह फर्जी ऑनलाइन एकाउण्ट से चोरी किये गये पैसो को अपने एकाउण्ट मे मँगाकर प्राप्त कर लेते है। इसके लिये उन्हें सेविंग व करन्ट एकाउण्ट की जरुरत पड़ती है। यदि हम उन्हें वह सेविंग व करन्ट एकाउण्ट प्राप्त करा देगें तो आपके खातों मे जितने भी पैसे आयेगे उसका अच्छा खासा कमीशन वह लोग हमको दिया करेंगे। यह बात मैंने अपने दोस्तों दुर्गेश कुमार पुत्र नीरज कुमार नि0 गुउडा बहरामपुर थाना खन्दौली जनपद आगरा, कन्हैया सिंह पुत्र देवी सिंह नि0 जारऊ थाना सादाबाद जनपद हाथरस, दीपक शर्मा उर्फ दीपू पुत्र महेशचन्द्र नि० जारऊ थाना सादाबाद जिला हाथरस को बतायी। दुर्गेश कुमार, कन्हैया सिंह व दीपक शर्मा भी मेरी बातों में आकर सहमत हो गये थे और इस तरह हम लोग उज्जैन के एक व्यक्ति के अन्डर में साइबर अपराध करने लगे ।

 

गिरफ्तार किये गये अन्य तीन व्यक्ति दुर्गेश कुमार, कन्हैया सिंह व दीपक शर्मा ने अपनी पूंछताछ में माधव के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से अपने नाम के फर्जी आधार कार्ड बनाकर, आधार कार्ड पर फर्जी कम्पनियां बनाकर बैंको मे सेविंग व करन्ट एकाउण्ट खुलवाने तथा अन्य दोस्तो को भी इस साइबर फ्राड की स्कीम को समझाकर उनके भी खाते खुलवाने एवं फर्जी एकाउण्ट मे जो भी कमीशन का पैसा आता था। आपस मे बराबर हिस्सों में बाटने की बात कबूली है। इसके साथ साथ इन चारों व्यक्तियो ने अपनी अपनी पूछताछ में इन लोगो के एकाउण्ट मे जो साइबर फ्रॉड का पैसा आया उसमे से आधा पैसा एकाउण्ट होल्डर को देने व आधा पैसा आपस मे बराबर बराबर बाँट लेने की बात भी कही है। अभियुक्तगणों ने यह भी बतायी है कि हम चारों लोगों के साथ मिलकर जो और अन्य लोग ये काम कर रहे हैं व कई कई करोड़ रुपये का ट्रान्सफर कर लेते हैं जिससे हमे भी लाखो मे कमीशन मिल जाता है। हमारे फर्जी आधार कार्ड व फर्जी आधार के आधार पर बनायी गयी कम्पनियो के नाम से एकाउण्ट खुलवाने पर हम सभी को लाखो मे आमदनी होती है, इन फर्जी अकाउंटों को खुलवाने के लिये हम लोग फर्जी तरीके से जीएसटी, अद्दय व जीएसटी एवं उद्दम का रजिस्ट्रेशन एवं इनका सत्यापन फर्जी तरीके से करा लेते थे। हम लोगों के पास जो मोबाइल, टैबलैट, कागजात, सिमकार्ड, चैकबुक आदि बरामद किये है यह साइबर फ्राड करने में इस्तेमाल की जाती हैं एवं जो पैसे आपने हमसे बरामद किये हैं वह इसी फ्राड से संबंधित हैं ।

 

गिरफ्तार अभियुक्तगणों से विस्तृत पूछताछ करते हुये जानकारी की जा रही है। तथा घटना मे शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रायस करते हुए पुलिस द्वारा अग्रेत्तर विधिक कार्यवाही की जा रही है।

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